अगली आयत क्विज़: सूरह Qaf
سُورَةُ قٓ
- सूरह क्रमांक
- 50
- आयतों की संख्या
- 45
- प्रकार
- मक्की
पारा 26 में स्थित।
सूरह Qaf मुसहफ़ में सूरह क्रमांक 50 है, मक्की है और इसमें 45 आयतें हैं। इस पन्ने की क्विज़ आपको आयत-दर-आयत आगे बढ़ने का अभ्यास कराती है। नतीजे आपके डिवाइस में सहेजे जाते हैं, ताकि आप देख सकें कि कौन-सा हिस्सा दोबारा देखना बाकी है।
शुरुआती आयतें
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قٓ ۚ وَٱلْقُرْءَانِ ٱلْمَجِيدِ
1. क़ाफ़ क़ुरान मजीद की क़सम (मोहम्मद पैग़म्बर हैं)
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بَلْ عَجِبُوٓا۟ أَن جَآءَهُم مُّنذِرٌۭ مِّنْهُمْ فَقَالَ ٱلْكَٰفِرُونَ هَٰذَا شَىْءٌ عَجِيبٌ
2. लेकिन इन (काफिरों) को ताज्जुब है कि उन ही में एक (अज़ाब से) डराने वाला (पैग़म्बर) उनके पास आ गया तो कुफ्फ़ार कहने लगे ये तो एक अजीब बात है
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أَءِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًۭا ۖ ذَٰلِكَ رَجْعٌۢ بَعِيدٌۭ
3. भला जब हम मर जाएँगे और (सड़ गल कर) मिटटी हो जाएँगे तो फिर ये दोबार ज़िन्दा होना (अक्ल से) बईद (बात है)