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Sambung Ayat
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अगली आयत क्विज़: सूरह Ash-Shaff

سُورَةُ الصَّفِّ

सूरह क्रमांक
61
आयतों की संख्या
14
प्रकार
मदनी

पारा 28 में स्थित।

सूरह Ash-Shaff मुसहफ़ में सूरह क्रमांक 61 है, मदनी है और इसमें 14 आयतें हैं। इस पन्ने की क्विज़ आपको आयत-दर-आयत आगे बढ़ने का अभ्यास कराती है। नतीजे आपके डिवाइस में सहेजे जाते हैं, ताकि आप देख सकें कि कौन-सा हिस्सा दोबारा देखना बाकी है।

शुरुआती आयतें

  1. سَبَّحَ لِلَّهِ مَا فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِى ٱلْأَرْضِ ۖ وَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلْحَكِيمُ

    1. जो चीज़े आसमानों में है और जो चीज़े ज़मीन में हैं (सब) ख़ुदा की तस्बीह करती हैं और वह ग़ालिब हिकमत वाला है

  2. يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لِمَ تَقُولُونَ مَا لَا تَفْعَلُونَ

    2. ऐ ईमानदारों तुम ऐसी बातें क्यों कहा करते हो जो किया नहीं करते

  3. كَبُرَ مَقْتًا عِندَ ٱللَّهِ أَن تَقُولُوا۟ مَا لَا تَفْعَلُونَ

    3. ख़ुदा के नज़दीक ये ग़ज़ब की बात है कि तुम ऐसी बात कहो जो करो नहीं

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